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mahabharat 7.112.4: प्रजानाथ! यदि आप मानते हैं कि आपकी रक्षा के लिए व्यवस्था कर दी गई है, तो आपका कल्याण हो। मैं अर्जुन के पास जाकर आपकी आज्ञा का पालन करूँगा॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.112.4 
कृतां चेन्मन्यसे रक्षां स्वस्ति तेऽस्तु विशाम्पते।
अनुयास्यामि बीभत्सुं करिष्ये वचनं तव॥ ४॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! यदि आप मानते हैं कि आपकी रक्षा के लिए व्यवस्था कर दी गई है, तो आपका कल्याण हो। मैं अर्जुन के पास जाकर आपकी आज्ञा का पालन करूँगा॥4॥
 
Prajanaath! If you believe that arrangements have been made for your protection, then may you be blessed. I will go to Arjuna and follow your orders.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)