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mahabharat 7.112.19-20: राजन्! आप जो हजारों सारथि देख रहे हैं, वे रुक्मरथ नामक पराक्रमी योद्धा राजकुमार हैं। हे प्रजानाथ! वे रथ, अस्त्र और हाथी चलाने में भी निपुण हैं।'   |   mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 19-20
 
 
श्लोक  7.112.19-20 
अथ यान् रथिनो राजन् सहस्रमनुपश्यसि॥ १९॥
एते रुक्मरथा नाम राजपुत्रा महारथा:।
रथेष्वस्त्रेषु निपुणा नागेषु च विशाम्पते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजन्! आप जो हजारों सारथि देख रहे हैं, वे रुक्मरथ नामक पराक्रमी योद्धा राजकुमार हैं। हे प्रजानाथ! वे रथ, अस्त्र और हाथी चलाने में भी निपुण हैं।'
 
‘King! The thousands of charioteers you are seeing are the mighty warrior princes named Rukmaratha. O Prajanath! They are also adept at driving chariots, weapons and elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)