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mahabharat 7.111.44: हे पिता! धृष्टद्युम्न अपने भाइयों, पराक्रमी राजाओं और द्रौपदी के पाँचों पुत्रों सहित मेरी रक्षा करेंगे; इसमें कोई संदेह नहीं है॥44॥   |   mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  7.111.44 
पार्षतश्च ससोदर्य: पार्थिवाश्च महाबला:।
द्रौपदेयाश्च मां तात रक्षिष्यन्ति न संशय:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
हे पिता! धृष्टद्युम्न अपने भाइयों, पराक्रमी राजाओं और द्रौपदी के पाँचों पुत्रों सहित मेरी रक्षा करेंगे; इसमें कोई संदेह नहीं है॥44॥
 
O father! Dhrishtadyumna along with his brothers, the mighty kings and the five sons of Draupadi will protect me; there is no doubt about this. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)