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mahabharat 7.111.26-27h: ‘पहले तुम अपनी रक्षा का प्रबन्ध करो। मेरे जाने के बाद तुम्हारी रक्षा कौन करेगा, जब तक मैं अर्जुन के पास न जाऊँ (और लौट न आऊँ) तब तक युद्धभूमि में द्रोणाचार्य से कौन युद्ध करता रहेगा?॥26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.111.26-27h 
कुरु त्वमात्मनो गुप्तिं कस्ते गोप्ता गते मयि॥ २६॥
य: प्रतीयाद् रणे द्रोणं यावद् गच्छामि पाण्डवम्।
 
 
अनुवाद
‘पहले तुम अपनी रक्षा का प्रबन्ध करो। मेरे जाने के बाद तुम्हारी रक्षा कौन करेगा, जब तक मैं अर्जुन के पास न जाऊँ (और लौट न आऊँ) तब तक युद्धभूमि में द्रोणाचार्य से कौन युद्ध करता रहेगा?॥26 1/2॥
 
‘You should first make arrangements for your own protection. Who will protect you after I leave, who will keep fighting Dronacharya on the battlefield till I go to Arjuna (and return)?॥ 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)