Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.111.25-26h: यदि कामदेव के अवतार श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न हाथ में धनुष लेकर यहाँ खड़े होते, तो मैं उन्हें तुम्हें सौंप देता। वे अर्जुन की भाँति तुम्हारी रक्षा कर सकते थे॥25 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कार्ष्णिर्धनुष्पाणिरिह स्यान्मकरध्वज:॥ २५॥
तस्मै त्वां विसृजेयं वै स त्वां रक्षेद् यथार्जुन:।
अनुवाद
यदि कामदेव के अवतार श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न हाथ में धनुष लेकर यहाँ खड़े होते, तो मैं उन्हें तुम्हें सौंप देता। वे अर्जुन की भाँति तुम्हारी रक्षा कर सकते थे॥25 1/2॥
‘If Pradyumna, son of Shri Krishna, the incarnation of Kamadeva, had been standing here with a bow in his hand, I would have handed him over to you. He could have protected you just like Arjuna.॥ 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥