Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.111.22: महाबाहो! प्रभु! प्रतिदिन मुझे युद्धभूमि में रुक्मिणीपुत्र प्रद्युम्न के अतिरिक्त कोई ऐसा योद्धा नहीं दिखाई देता जो द्रोणाचार्य के सामने खड़ा होकर उनसे युद्ध कर सके। | mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यापि च महाबाहो नित्यं पश्यामि संयुगे।
नान्यं हि प्रतियोद्धारं रौक्मिणेयादृते प्रभो॥ २२॥
अनुवाद
महाबाहो! प्रभु! प्रतिदिन मुझे युद्धभूमि में रुक्मिणीपुत्र प्रद्युम्न के अतिरिक्त कोई ऐसा योद्धा नहीं दिखाई देता जो द्रोणाचार्य के सामने खड़ा होकर उनसे युद्ध कर सके।
Mahabaho! Prabhu! Every day I do not see any warrior on the battlefield other than Rukmini's son Pradyumna who can stand in front of Dronacharya and fight with him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥