Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.111.13: माधव! तुम जानते हो कि द्रोण युद्धभूमि में कितने पराक्रमी हैं और श्रेष्ठ पुरुषों द्वारा कितने सम्मानित हैं। तुम प्रतिदिन उनकी ली हुई प्रतिज्ञा के विषय में सुनते ही होंगे॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 111: सात्यकि और युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.111.13 
जानीषे हि रणे द्रोणं रभसं श्रेष्ठसम्मतम्।
प्रतिज्ञा चापि ते नित्यं श्रुता द्रोणस्य माधव॥ १३॥
 
 
अनुवाद
माधव! तुम जानते हो कि द्रोण युद्धभूमि में कितने पराक्रमी हैं और श्रेष्ठ पुरुषों द्वारा कितने सम्मानित हैं। तुम प्रतिदिन उनकी ली हुई प्रतिज्ञा के विषय में सुनते ही होंगे॥13॥
 
‘Madhava! You know how powerful Drona is in the battlefield, respected by the best men. You must be hearing about the vow he has taken every day.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)