Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.110.86: हे महाबाहो! महान ब्राह्मण द्रोणाचार्य जो कार्य कर रहे हैं, वह आपके सामने है। एक ही समय में प्राप्त अनेक कार्यों में से कौन-सा कार्य करना आवश्यक है, इसका निर्णय करने में आप कुशल हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  7.110.86 
प्रत्यक्षं ते महाबाहो यथासौ चरति द्विज:।
युगपच्च समेतानां कार्याणां त्वं विचक्षण:॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहो! महान ब्राह्मण द्रोणाचार्य जो कार्य कर रहे हैं, वह आपके सामने है। एक ही समय में प्राप्त अनेक कार्यों में से कौन-सा कार्य करना आवश्यक है, इसका निर्णय करने में आप कुशल हैं।
 
O mighty-armed one! The work that the great Brahmin Dronacharya is doing is before your eyes. You are skilled in deciding which of the many tasks that are received at the same time is necessary to be performed. 86.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)