Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.110.81-82: निद्रा को जीतने वाले पाण्डुपुत्र अर्जुन श्यामवर्णी, आकर्षक युवक हैं। वे शीघ्रता से अस्त्र-शस्त्र चलाते हैं और विचित्र प्रकार से युद्ध करते हैं। हे प्रभु! वे महाबाहु योद्धा सूर्योदय के समय अकेले ही कौरव सेना में प्रवेश कर गए और अब दिन बीत रहा है। 81-82। | mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्यामो युवा गुडाकेशो दर्शनीयश्च पाण्डव:॥ ८१॥
लघ्वस्त्रश्चित्रयोधी च प्रविष्टस्तात भारतीम्।
सूर्योदये महाबाहुर्दिवसश्चातिवर्तते॥ ८२॥
अनुवाद
निद्रा को जीतने वाले पाण्डुपुत्र अर्जुन श्यामवर्णी, आकर्षक युवक हैं। वे शीघ्रता से अस्त्र-शस्त्र चलाते हैं और विचित्र प्रकार से युद्ध करते हैं। हे प्रभु! वे महाबाहु योद्धा सूर्योदय के समय अकेले ही कौरव सेना में प्रवेश कर गए और अब दिन बीत रहा है। 81-82।
Arjuna, the son of Pandu, who conquered sleep, is a dark-skinned youth, attractive. He uses his weapons swiftly and fights in a strange manner. O dear! That mighty-armed warrior alone entered the Kaurava army at sunrise and now the day is passing by. 81-82.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥