Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.110.8: युद्ध भूमि में सात्यकि द्वारा घायल किये जाने पर द्रोणाचार्य ने विजय प्राप्ति हेतु प्रयत्नशील सात्यकि पर शीघ्रतापूर्वक अनेक बाण चलाये और उसे क्षत-विक्षत कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध भूमि में सात्यकि द्वारा घायल किये जाने पर द्रोणाचार्य ने विजय प्राप्ति हेतु प्रयत्नशील सात्यकि पर शीघ्रतापूर्वक अनेक बाण चलाये और उसे क्षत-विक्षत कर दिया।
Having been wounded by Satyaki in the battle-field, Dronacharya quickly shot many arrows at Satyaki who was trying to achieve victory, and mutilated him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥