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mahabharat 7.110.72: तत्! पूर्णिमा के दिन प्रचण्ड वायु से व्याकुल हुए समुद्र के समान बुद्धिमान अर्जुन द्वारा पीड़ित हुई दुर्योधन की सेना में खलबली मची हुई है ॥72॥   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  7.110.72 
महामारुतवेगेन समुद्रमिव पर्वसु।
धार्तराष्ट्रबलं तात विक्षिप्तं सव्यसाचिना॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
तत्! पूर्णिमा के दिन प्रचण्ड वायु से व्याकुल हुए समुद्र के समान बुद्धिमान अर्जुन द्वारा पीड़ित हुई दुर्योधन की सेना में खलबली मची हुई है ॥72॥
 
Tat! On the day of the full moon, like the ocean disturbed by the ferocious wind, there is a commotion in the army of Duryodhana, who has been afflicted by the wise Arjuna. 72॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)