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mahabharat 7.110.71: शैनय्य! देखो, सेनाएँ युद्धभूमि में भाग रही हैं। युद्धभूमि में महान् कोलाहल हो रहा है और किले में खड़ी कौरव सेना छिन्न-भिन्न हो रही है।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  7.110.71 
पश्य शैनेय सैन्यानि द्रवमाणानि संयुगे।
महान्तं च रणे शब्दं दीर्यमाणां च भारतीम्॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
शैनय्य! देखो, सेनाएँ युद्धभूमि में भाग रही हैं। युद्धभूमि में महान् कोलाहल हो रहा है और किले में खड़ी कौरव सेना छिन्न-भिन्न हो रही है।
 
Shainayya! Look there, the armies are fleeing on the battlefield. There is a great uproar in the battle-field and the Kaurava army standing in fortification is breaking apart. 71.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)