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mahabharat 7.110.69: जिस ओर अर्जुन है, वहाँ से घोर गर्जना सुनाई दे रही है। अतः हे शैनय! आप शीघ्रतापूर्वक तथा बड़े वेग से वहाँ जाएँ।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  7.110.69 
सुमहान् निनदश्चैव श्रूयते विजयं प्रति।
स शैनेय जवेनाशु गन्तुमर्हसि मानद॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
जिस ओर अर्जुन है, वहाँ से घोर गर्जना सुनाई दे रही है। अतः हे शैनय! आप शीघ्रतापूर्वक तथा बड़े वेग से वहाँ जाएँ।
 
A loud roar is heard from the direction where Arjun is. Therefore, O Shainayya, who gives respect to others, you should go there quickly and with great speed. 69.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)