Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.110.57: उसके कंधे विशाल हैं, वक्षस्थल चौड़ा है, भुजाएँ लंबी हैं और ठोड़ी विशाल एवं सुदृढ़ है। वह बड़ा बलवान, बड़ा शूरवीर, बड़ा बुद्धिमान और महान योद्धा है॥ 57॥ | mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महास्कन्धो महोरस्को महाबाहुर्महाहनु:।
महाबलो महावीर्य: स महात्मा महारथ:॥ ५७॥
अनुवाद
उसके कंधे विशाल हैं, वक्षस्थल चौड़ा है, भुजाएँ लंबी हैं और ठोड़ी विशाल एवं सुदृढ़ है। वह बड़ा बलवान, बड़ा शूरवीर, बड़ा बुद्धिमान और महान योद्धा है॥ 57॥
‘His shoulders are huge, chest is broad, arms are long and chin is huge and robust. He is very strong, very valiant, very intelligent and a great warrior.॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥