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mahabharat 7.110.54: माधव! इस घोर युद्ध में अर्जुन की सहायता और रक्षा करने में आपके अतिरिक्त कोई भी समर्थ नहीं है॥54॥   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.110.54 
ईदृशे तु परामर्दे वर्तमानस्य माधव।
त्वदन्यो हि रणे गोप्ता विजयस्य न विद्यते॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
माधव! इस घोर युद्ध में अर्जुन की सहायता और रक्षा करने में आपके अतिरिक्त कोई भी समर्थ नहीं है॥54॥
 
Madhava! There is no one other than you who is capable of helping and protecting Arjun in such a fierce battle. ॥ 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)