Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.110.45: वार्ष्णेय! जैसे भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों के परम आश्रय हैं, वैसे ही आप भी हैं। आपका पराक्रम भी कृष्ण के समान है॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा च केशवो नित्यं पाण्डवानां परायणम्।
तथा त्वमपि वार्ष्णेय कृष्णतुल्यपराक्रम:॥ ४५॥
अनुवाद
वार्ष्णेय! जैसे भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों के परम आश्रय हैं, वैसे ही आप भी हैं। आपका पराक्रम भी कृष्ण के समान है॥ 45॥
Varshneya! Just as Lord Krishna is always the ultimate refuge of the Pandavas, you are also like that. Your prowess is also like that of Krishna. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥