Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.110.37-38: भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा बजाए जाने पर पांचजन्य शंख बहुत जोर से ध्वनि फैला रहा था। सिंधुराज जयद्रथ की रक्षा में नियुक्त वीर पुरुष युद्ध में तत्पर थे। आपके पुत्र और सैनिक अर्जुन के रथ के पास गर्जना कर रहे थे और गांडीव धनुष की टंकार सब ओर से दब रही थी। 37-38 | mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा बजाए जाने पर पांचजन्य शंख बहुत जोर से ध्वनि फैला रहा था। सिंधुराज जयद्रथ की रक्षा में नियुक्त वीर पुरुष युद्ध में तत्पर थे। आपके पुत्र और सैनिक अर्जुन के रथ के पास गर्जना कर रहे थे और गांडीव धनुष की टंकार सब ओर से दब रही थी। 37-38
On being blown by Lord Krishna, the conch king Panchjanya was spreading its sound very loudly. The brave men appointed to protect Sindhuraj Jayadratha were engaged in the war. Your sons and soldiers were roaring near Arjuna's chariot and the twang of the Gandiva bow was suppressed from all sides. 37-38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥