Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.110.30: लोगों ने देखा कि वीर द्रोणाचार्य पाण्डव और पांचाल सेना के प्रमुख योद्धाओं को चुन-चुन कर मार रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.110.30 
पाण्डूनां सर्वसैन्येषु पञ्चालानां तथैव च।
द्रोणं स्म ददृशु: शूरं विनिघ्नन्तं वरान् वरान्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
लोगों ने देखा कि वीर द्रोणाचार्य पाण्डव और पांचाल सेना के प्रमुख योद्धाओं को चुन-चुन कर मार रहे हैं।
 
People saw that the valiant Dronacharya was selectively killing the chief warriors of the Pandava and Panchala armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)