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mahabharat 7.110.29: उस युद्ध में द्रोणाचार्य ने पांचाल के पच्चीस प्रसिद्ध योद्धाओं को मार डाला, जो धृष्टद्युम्न के बहुत प्रिय थे।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.110.29 
तस्मिन् द्रोणेन निहता: पञ्चाला: पञ्चविंशति:।
महारथा: समाख्याता धृष्टद्युम्नस्य सम्मता:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस युद्ध में द्रोणाचार्य ने पांचाल के पच्चीस प्रसिद्ध योद्धाओं को मार डाला, जो धृष्टद्युम्न के बहुत प्रिय थे।
 
In that war, Dronacharya killed twenty-five renowned warriors of the Panchalas who were very dear to Dhrishtadyumna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)