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mahabharat 7.110.20: भरत! ऐसा कहकर राजा युधिष्ठिर ने युद्धभूमि में युयुधान की रक्षा के लिए अपनी सम्पूर्ण सेना के साथ द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.110.20 
एवमुक्त्वा ततो राजा सर्वसैन्येन भारत।
अभ्यद्रवद् रणे द्रोणं युयुधानस्य कारणात्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
भरत! ऐसा कहकर राजा युधिष्ठिर ने युद्धभूमि में युयुधान की रक्षा के लिए अपनी सम्पूर्ण सेना के साथ द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।
 
Bharata! Saying so, King Yudhishthira attacked Dronacharya with his entire army to protect Yuyudhan in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)