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mahabharat 7.110.19: तब मैं अपने सब सैनिकों के साथ तुम्हारा पीछा करूँगा। अब तुम यमराज के जबड़े में फँसे हुए सात्यकि को बचा लो।॥19॥   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.110.19 
पृष्ठतोऽनुगमिष्यामि त्वामहं सहसैनिक:।
सात्यकिं मोक्षयस्वाद्य यमदंष्ट्रान्तरं गतम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तब मैं अपने सब सैनिकों के साथ तुम्हारा पीछा करूँगा। अब तुम यमराज के जबड़े में फँसे हुए सात्यकि को बचा लो।॥19॥
 
Then I will follow you with all my soldiers. Now rescue Satyaki who is caught in the jaws of Yamaraja.'॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)