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mahabharat 7.110.17: जैसे कोई बालक डोरी से बँधे हुए पक्षी के साथ खेलता है, वैसे ही ये महाधनुर्धर द्रोण युद्धभूमि में युयुधान के साथ क्रीड़ा करते हैं॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 110: द्रोणाचार्य और सात्यकिका युद्ध तथा युधिष्ठिरका सात्यकिकी प्रशंसा करते हुए उसे अर्जुनकी सहायताके लिये कौरव-सेनामें प्रवेश करनेका आदेश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.110.17 
असौ द्रोणो महेष्वासो युयुधानेन संयुगे।
क्रीडते सूत्रबद्धेन पक्षिणा बालको यथा॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जैसे कोई बालक डोरी से बँधे हुए पक्षी के साथ खेलता है, वैसे ही ये महाधनुर्धर द्रोण युद्धभूमि में युयुधान के साथ क्रीड़ा करते हैं॥17॥
 
‘Just as a child plays with a bird tied to a string, so does this great archer Drona sport with Yuyudhan on the battlefield.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)