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mahabharat 7.11.46-47h: पूर्वकाल में हम लोग राजा युधिष्ठिर के प्रसिद्ध राजसी धन के कारण उनसे ईर्ष्या करते थे। आज भीष्म और द्रोणाचार्य के वध के पश्चात् हम उसके कटु परिणामों को भोग रहे हैं ॥46 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.11.46-47h 
यां तां श्रियमसूयाम: पुरा दृष्ट्वा युधिष्ठिरे॥ ४६॥
अद्य तामनुजानीमो भीष्मद्रोणवधेन ह।
 
 
अनुवाद
पूर्वकाल में हम लोग राजा युधिष्ठिर के प्रसिद्ध राजसी धन के कारण उनसे ईर्ष्या करते थे। आज भीष्म और द्रोणाचार्य के वध के पश्चात् हम उसके कटु परिणामों को भोग रहे हैं ॥46 1/2॥
 
In the past we were jealous of King Yudhishthir for the famous royal wealth that he possessed. Today we are experiencing its bitter consequences after the killing of Bhishma and Dronacharya. ॥ 46 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)