Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.11.40: दुर्योधन मोहवश सत्य, चित् और आनन्दस्वरूप परमेश्वर केशव को नहीं जानता। संयोगवश वह मोहग्रस्त होकर मृत्यु के जाल में फँस गया ॥40॥ | mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मोहाद् दुर्योधन: कृष्णं यो न वेत्तीह केशवम्।
मोहितो दैवयोगेन मृत्युपाशपुरस्कृत:॥ ४०॥
अनुवाद
दुर्योधन मोहवश सत्य, चित् और आनन्दस्वरूप परमेश्वर केशव को नहीं जानता। संयोगवश वह मोहग्रस्त होकर मृत्यु के जाल में फँस गया ॥40॥
Duryodhana, in his delusion, does not know the Supreme Lord Keshav who is the embodiment of truth, consciousness and bliss. By chance, he became deluded and fell into the trap of death. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥