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mahabharat 7.11.38: अर्जुन श्री कृष्ण की आत्मा हैं और श्री कृष्ण किरीटधारी अर्जुन की आत्मा हैं। अर्जुन में विजय सदैव विद्यमान है और श्री कृष्ण में यश का शाश्वत निवास है। 38॥   |   mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.11.38 
अर्जुन: केशवस्यात्मा कृष्णोऽप्यात्मा किरीटिन:।
अर्जुने विजयो नित्यं कृष्णे कीर्तिश्च शाश्वती॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन श्री कृष्ण की आत्मा हैं और श्री कृष्ण किरीटधारी अर्जुन की आत्मा हैं। अर्जुन में विजय सदैव विद्यमान है और श्री कृष्ण में यश का शाश्वत निवास है। 38॥
 
Arjuna is the soul of Shri Krishna and Shri Krishna is the soul of the crowned Arjuna. Victory is always present in Arjun and fame is eternal abode in Shri Krishna. 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)