Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.11.31: फूलों की माला और हल धारण करने वाले वीर बलराम कैलाश पर्वत के समान गौर वर्ण के हैं। उनमें दस हजार हाथियों का बल है। वे भी उसी ओर रहेंगे जहाँ श्रीकृष्ण होंगे॥31॥ | mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फूलों की माला और हल धारण करने वाले वीर बलराम कैलाश पर्वत के समान गौर वर्ण के हैं। उनमें दस हजार हाथियों का बल है। वे भी उसी ओर रहेंगे जहाँ श्रीकृष्ण होंगे॥31॥
Brave Balarama, who holds a garland of flowers and a plough, is as fair-skinned as the peak of Kailash. He has the strength of ten thousand elephants. He will also stay on the same side where Shri Krishna is.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥