Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.11.25: मुझे आज भी भगवान कृष्ण के उस दिव्य रूप का दर्शन अच्छी तरह याद है, जिसे मैंने बड़े आनंद और भक्ति के साथ देखा था। मैं उन्हें ऐसे जानता था मानो मैंने उन्हें प्रत्यक्ष देखा हो। 25. | mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुझे आज भी भगवान कृष्ण के उस दिव्य रूप का दर्शन अच्छी तरह याद है, जिसे मैंने बड़े आनंद और भक्ति के साथ देखा था। मैं उन्हें ऐसे जानता था मानो मैंने उन्हें प्रत्यक्ष देखा हो। 25.
I remember very well even today the vision of that divine form of Lord Krishna which I saw with great joy and devotion. I knew Him as if I had seen Him firsthand. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥