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mahabharat 7.11.23: इन्द्र उनके पराक्रम से भली-भाँति परिचित थे, इसलिए उन्होंने चुपचाप यह सब सहन कर लिया। मैंने ऐसा कोई राजा नहीं सुना, जिसे श्रीकृष्ण ने न जीता हो॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.11.23 
तच्च मर्षितवान् शक्रो जानंस्तस्य पराक्रमम्।
राज्ञां चाप्यजितं कञ्चित् कृष्णेनेह न शुश्रुम॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र उनके पराक्रम से भली-भाँति परिचित थे, इसलिए उन्होंने चुपचाप यह सब सहन कर लिया। मैंने ऐसा कोई राजा नहीं सुना, जिसे श्रीकृष्ण ने न जीता हो॥ 23॥
 
Indra was well aware of his prowess, so he endured all this silently. I have not heard of any king who was not conquered by Shri Krishna.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)