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mahabharat 7.11.21: खाण्डव वन में अर्जुन के साथ अग्निदेव को संतुष्ट करके महाबली श्रीकृष्ण ने दृढ़दर्श आग्नेय अस्त्र चक्र प्राप्त किया था ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 7.11: धृतराष्ट्रका भगवान् श्रीकृष्णकी संक्षिप्त लीलाओंका वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.11.21 
खाण्डवे पार्थसहितस्तोषयित्वा हुताशनम्।
आग्नेयमस्त्रं दुर्धर्षं चक्रं लेभे महाबल:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
खाण्डव वन में अर्जुन के साथ अग्निदेव को संतुष्ट करके महाबली श्रीकृष्ण ने दृढ़दर्श आग्नेय अस्त्र चक्र प्राप्त किया था ॥21॥
 
By satisfying Agnidev along with Arjun in the Khandava forest, the mighty Shri Krishna had obtained the Durhadarsha Aagneya Astra Chakra. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)