vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 109: घटोत्कचद्वारा अलम्बुषका वध और पाण्डव-सेनामें हर्ष-ध्वनि
»
श्लोक 20-21h
श्लोक
7.109.20-21h
तं क्रुद्धं राक्षसं युद्धे प्रतिक्रुद्धस्तु राक्षस:॥ २०॥
हैडिम्बो भरतश्रेष्ठ शरैर्विव्याध सप्तभि:।
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! उस रणभूमि में कुपित रात्रिचर घटोत्कच ने अत्यन्त कुपित राक्षस अलम्बुष को सात बाणों से घायल कर दिया। 20 1/2॥
Bharatshrestha! In that battlefield, the enraged demon Alambusha was wounded by the angry nocturnal Ghatotkacha with seven arrows. 20 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×