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तत: क्रोधाभिताम्राक्षो निर्दहन्निव पावक:।
संदधे त्वाष्ट्रमस्त्रं स स्वयं त्वष्टेव मारुति:॥ ३९॥
अनुवाद
तब वायुपुत्र भीमसेन ने क्रोध से अग्नि के समान लाल नेत्रों से त्वष्ट्र नामक अस्त्र का प्रयोग इस प्रकार किया, मानो स्वयं त्वष्ट्र ही उसका प्रयोग कर रहे हों।
Then Vayu's son Bhimasena, with his eyes turning red with anger like fire, aimed the weapon called Tvashtra as if Tvashta himself was using it. 39.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥