Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.108.27: भीमसेन के बाणों से घायल होकर अम्बुष नामक राक्षस पलक मारते ही उनके रथ पर आकर बैठ गया। वह छोटा-सा रात्रिचर जीव कभी पृथ्वी पर उतर आता और कभी सहसा आकाश में पहुँच जाता॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 7.108: द्रौपदीपुत्रोंके द्वारा सोमदत्तकुमार शलका वध तथा भीमसेनके द्वारा अलम्बुषकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 108: द्रौपदीपुत्रोंके द्वारा सोमदत्तकुमार शलका वध तथा भीमसेनके द्वारा अलम्बुषकी पराजय  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.108.27 
स वध्यमानो भीमेन निमेषाद् रथमास्थित:।
जगाम धरणीं चैव क्षुद्र: खं सहसागमत्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन के बाणों से घायल होकर अम्बुष नामक राक्षस पलक मारते ही उनके रथ पर आकर बैठ गया। वह छोटा-सा रात्रिचर जीव कभी पृथ्वी पर उतर आता और कभी सहसा आकाश में पहुँच जाता॥ 27॥
 
After being struck by Bhimasena's arrows, the demon Alambusha came and sat on his chariot in the blink of an eye. That small night creature would sometimes come down to the earth and sometimes suddenly reach the sky.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)