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mahabharat 7.108.26: हे राजन! उस समय जब वह राक्षस युद्धभूमि से अदृश्य हो गया, तब भीमसेन ने मुड़े हुए बाणों से सम्पूर्ण आकाश को भर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.108: द्रौपदीपुत्रोंके द्वारा सोमदत्तकुमार शलका वध तथा भीमसेनके द्वारा अलम्बुषकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.108.26 
भीमस्तु समरे राजन्नदृश्ये राक्षसे तदा।
आकाशं पूरयामास शरै: संनतपर्वभि:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! उस समय जब वह राक्षस युद्धभूमि से अदृश्य हो गया, तब भीमसेन ने मुड़े हुए बाणों से सम्पूर्ण आकाश को भर दिया।
 
O King! At that time, when the demon disappeared from the battlefield, Bhimasena filled the entire sky with arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)