श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 108: द्रौपदीपुत्रोंके द्वारा सोमदत्तकुमार शलका वध तथा भीमसेनके द्वारा अलम्बुषकी पराजय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.108.1 
संजय उवाच
द्रौपदेयान् महेष्वासान् सौमदत्तिर्महायशा:।
एकैकं पञ्चभिर्विद्‍ध्वा पुनर्विव्याध सप्तभि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! उस महाधनुर्धर ने द्रौपदी के पुत्रों को पाँच-पाँच बाणों से बींध डाला और फिर सात-सात बाणों से उन्हें घायल कर दिया॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! That great archer, the great archer, pierced each of the sons of Draupadi with five arrows and then wounded them again with seven arrows. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)