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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 107: कौरव-सेनाके क्षेमधूर्ति, वीरधन्वा, निरमित्र तथा व्याघ्रदत्तका वध और दुर्मुख एवं विकर्णकी पराजय
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श्लोक 33
श्लोक
7.107.33
कुमारे निहते तस्मिन् मागधस्य सुते प्रभो।
मागधा: सर्वतो यत्ता युयुधानमुपाद्रवन्॥ ३३॥
अनुवाद
भगवन् ! मगधनरेश के पुत्र राजकुमार व्याघ्रदत्त की मृत्यु के पश्चात् मगध के वीरों ने सब ओर से प्रयत्न करके युयुधान पर आक्रमण कर दिया ॥33॥
Lord! After the death of Prince Vyaghradatta, son of Magadhanresh, the heroes of Magadha made efforts from all sides and attacked Yuyudhan. 33॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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