श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 107: कौरव-सेनाके क्षेमधूर्ति, वीरधन्वा, निरमित्र तथा व्याघ्रदत्तका वध और दुर्मुख एवं विकर्णकी पराजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.107.29 
हाहाकारो महानासीत् त्रिगर्तानां जनेश्वर।
राजपुत्रं हतं दृष्ट्वा निरमित्रं महारथम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! महारथी राजकुमार निरमित्र को मारा गया देखकर त्रिगर्तों के समूह में महान हाहाकार मच गया ॥29॥
 
Nareshwar! Seeing the great warrior prince Nirmitra killed, there was a great outcry in the group of Trigartas. 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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