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mahabharat 7.106.9: चेदिराज धृष्टकेतु, जो अपने अपार बल के लिए प्रसिद्ध थे, ने भी बड़ी शीघ्रता से द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया, मानो देवताओं के राजा इन्द्र ने शम्बरासुर पर आक्रमण किया हो।   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.106.9 
धृष्टकेतुश्च चेदीनामृषभोऽतिबलोदित:।
त्वरितोऽभ्यद्रवद् द्रोणं महेन्द्र इव शम्बरम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
चेदिराज धृष्टकेतु, जो अपने अपार बल के लिए प्रसिद्ध थे, ने भी बड़ी शीघ्रता से द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया, मानो देवताओं के राजा इन्द्र ने शम्बरासुर पर आक्रमण किया हो।
 
The King of Chedi, Dhrishtaketu, renowned for his immense strength, also attacked Dronacharya with great haste, as if the King of the Gods Indra had attacked Shambarasura.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)