तत्पश्चात् कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर तुरन्त सहदेव के रथ पर सवार होकर अपने वेगवान घोड़ों के साथ वहाँ से चले गये।
Thereafter King Yudhishthira, son of Kunti, immediately mounted Sahadeva's chariot and moved away from there with his swift horses.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि युधिष्ठिरापयाने षडधिकशततमोऽध्याय:॥ १०६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें युधिष्ठिरका पलायनविषयक एक सौ छवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)