vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन
»
श्लोक 4
श्लोक
7.106.4
ततस्तु तुमुलस्तेषां संग्रामोऽवर्तताद्भुत:।
पञ्चालानां कुरूणां च घोरो देवासुरोपम:॥ ४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् पांचालों और कौरवों के बीच देवताओं और दानवों के बीच होने वाले भीषण संग्राम के समान एक भयानक और अद्भुत युद्ध आरम्भ हो गया॥4॥
Thereafter a terrible and wonderful war like that of a fierce battle between gods and demons started between the Panchalas and the Kauravas. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×