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mahabharat 7.106.4: तत्पश्चात् पांचालों और कौरवों के बीच देवताओं और दानवों के बीच होने वाले भीषण संग्राम के समान एक भयानक और अद्भुत युद्ध आरम्भ हो गया॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.106.4 
ततस्तु तुमुलस्तेषां संग्रामोऽवर्तताद्भुत:।
पञ्चालानां कुरूणां च घोरो देवासुरोपम:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पांचालों और कौरवों के बीच देवताओं और दानवों के बीच होने वाले भीषण संग्राम के समान एक भयानक और अद्भुत युद्ध आरम्भ हो गया॥4॥
 
Thereafter a terrible and wonderful war like that of a fierce battle between gods and demons started between the Panchalas and the Kauravas. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)