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mahabharat 7.106.39-40h: वे दोनों गदाएँ एक साथ छूटकर आपस में टकराकर भूमि पर गिर पड़ीं, और उनके टकराने से आग की चिंगारियाँ निकलने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.106.39-40h 
ते गदे सहसा मुक्ते समासाद्य परस्परम्॥ ३९॥
संघर्षात् पावकं मुक्त्वा समेयातां महीतले।
 
 
अनुवाद
वे दोनों गदाएँ एक साथ छूटकर आपस में टकराकर भूमि पर गिर पड़ीं, और उनके टकराने से आग की चिंगारियाँ निकलने लगीं।
 
Those two maces, released at once, collided with each other and fell to the ground, emitting sparks of fire from the clash. 39 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)