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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन
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श्लोक 35-36h
श्लोक
7.106.35-36h
ततो युधिष्ठिरो राजा द्रोणास्त्रं तत् समुद्यतम्॥ ३५॥
अशामयन्महाप्राज्ञो ब्रह्मास्त्रेणैव मारिष।
अनुवाद
माननीय राजा ! तब महाबुद्धिमान राजा युधिष्ठिर ने ब्रह्मास्त्र के द्वारा छोड़े गए ब्रह्मास्त्र को ब्रह्मास्त्र के द्वारा ही शांत कर दिया ॥35 1/2॥
Honorable King! Then the great wise king Yudhishthir silenced the Brahmastra fired by Drona with the help of Brahmastra itself. 35 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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