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mahabharat 7.106.23: धनुष काटकर महारथी द्रोणाचार्य ने बड़ी वेग से उन पर हजारों बाणों की वर्षा करके उन्हें सब ओर से ढक दिया॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.106.23 
अथैनं छिन्नधन्वानं त्वरमाणो महारथ:।
शरैरनेकसाहस्रै: पूरयामास सर्वत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
धनुष काटकर महारथी द्रोणाचार्य ने बड़ी वेग से उन पर हजारों बाणों की वर्षा करके उन्हें सब ओर से ढक दिया॥ 23॥
 
After cutting off the bow, the great warrior Dronacharya with great haste showered thousands of arrows on them, covering them from all sides.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)