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mahabharat 7.106.22: तब धनुर्धर द्रोणाचार्य युद्धभूमि में महारथी युधिष्ठिर पर अत्यंत क्रोधित हुए और उन्होंने युद्धभूमि में युधिष्ठिर का धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.106.22 
ततो द्रोणो भृशं क्रुद्धो धर्मराजस्य संयुगे।
चिच्छेद समरे धन्वी धनुस्तस्य महात्मन:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तब धनुर्धर द्रोणाचार्य युद्धभूमि में महारथी युधिष्ठिर पर अत्यंत क्रोधित हुए और उन्होंने युद्धभूमि में युधिष्ठिर का धनुष काट डाला।
 
Then the archer Dronacharya became extremely angry with the great warrior Yudhishthira on the battlefield. He cut off Yudhishthira's bow in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)