श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 106: द्रोण और उनकी सेनाके साथ पाण्डव-सेनाका द्वन्द्वयुद्ध तथा द्रोणाचार्यके साथ युद्ध करते समय रथ-भंग हो जानेपर युधिष्ठिरका पलायन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.106.1 
धृतराष्ट्र उवाच
अर्जुने सैन्धवं प्राप्ते भारद्वाजेन संवृता:।
पंचाला: कुरुभि: सार्धं किमकुर्वत संजय॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! जब अर्जुन सिन्धुराज जयद्रथ के निकट पहुँचे, तब द्रोणाचार्य द्वारा रोके गये पांचाल सैनिकों ने कौरवों के साथ क्या किया?॥ 1॥
 
Dhritarashtra asked- Sanjay! When Arjun reached near Sindhuraj Jaydrath, then what did the Panchala soldiers, stopped by Dronacharya, do to the Kauravas?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)