श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 105: अर्जुन तथा कौरव-महारथियोंके ध्वजोंका वर्णन और नौ महारथियोंके साथ अकेले अर्जुनका युद्ध  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  7.105.9-10h 
स वानरवरो राजन् पताकाभिरलंकृत:॥ ९॥
त्रासयामास तत् सैन्यं ध्वजो गाण्डीवधन्वन:।
 
 
अनुवाद
राजन! महान् वानरों से सुशोभित तथा पताकाओं से सुशोभित, गाण्डीवधारी अर्जुन का वह ध्वज आपकी उस सेना को भयभीत कर रहा था।
 
Rajan! That flag of Arjuna carrying Gandiva, decorated with great monkeys and decorated with banners, used to terrify that army of yours. 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)