श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 105: अर्जुन तथा कौरव-महारथियोंके ध्वजोंका वर्णन और नौ महारथियोंके साथ अकेले अर्जुनका युद्ध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.105.26 
यथा श्वेतो महानागो देवराजचमूं तथा।
नागो मणिमयो राज्ञो ध्वज: कनकसंवृत:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
जैसे राजा देवराज की सेना में महान श्वेत हाथी ऐरावत सुशोभित था, उसी प्रकार राजा दुर्योधन की स्वर्ण ध्वजा रत्नजड़ित गजराज के चिह्न से सुशोभित थी ॥26॥
 
Just as the great white elephant Airavata adorns the army of King Devraj, similarly the golden flag of King Duryodhana was adorned with the symbol of the jeweled Gajraj. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)