Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.105.22-23h: सदा यज्ञ में तत्पर रहने वाले बुद्धिमान भूरिश्रवा के रथ पर यूप का चिह्न बना हुआ था। वह ध्वज सूर्य के समान प्रकाशित था और उसमें चन्द्रमा का चिह्न भी दिखाई देता था। 22 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.105: अर्जुन तथा कौरव-महारथियोंके ध्वजोंका वर्णन और नौ महारथियोंके साथ अकेले अर्जुनका युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौमदत्ते: पुनर्यूपो यज्ञशीलस्य धीमत:॥ २२॥
ध्वज: सूर्य इवाभाति सोमश्चात्र प्रदृश्यते।
अनुवाद
सदा यज्ञ में तत्पर रहने वाले बुद्धिमान भूरिश्रवा के रथ पर यूप का चिह्न बना हुआ था। वह ध्वज सूर्य के समान प्रकाशित था और उसमें चन्द्रमा का चिह्न भी दिखाई देता था। 22 1/2॥
The symbol of Yupa was made on the chariot of the wise Bhurishrava who was always engaged in Yagya. That flag was illuminated like the sun and the symbol of the moon was also visible in it. 22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥