श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 105: अर्जुन तथा कौरव-महारथियोंके ध्वजोंका वर्णन और नौ महारथियोंके साथ अकेले अर्जुनका युद्ध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.105.2 
संजय उवाच
ध्वजान् बहुविधाकारान् शृणु तेषां महात्मनाम्।
रूपतो वर्णतश्चैव नामतश्च निबोध मे॥ २॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! मैं तुम्हें उन महारथियों के रूप, रंग और नाम बता रहा हूँ जो नाना प्रकार की ध्वजाएँ फहरा रहे थे। सुनो।
 
Sanjaya said - O King! I am telling you the form, colour and name of those great warriors who were hoisting flags of various shapes. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)