Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.105.14-16h: पाण्डवों के गुरु गौतमवंशी तपस्वी ब्राह्मण कृपाचार्य के ध्वज पर एक सुन्दर वृषभ चिन्ह था। हे राजन! उनका विशाल रथ उस वृषभ चिन्ह से अत्यन्त शोभायमान हो रहा था; जैसे त्रिपुरों का नाश करने वाले महादेवजी का रथ सुन्दर वृषभ चिन्ह से सुशोभित था। | mahabharat अध्याय 7.105: अर्जुन तथा कौरव-महारथियोंके ध्वजोंका वर्णन और नौ महारथियोंके साथ अकेले अर्जुनका युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवों के गुरु गौतमवंशी तपस्वी ब्राह्मण कृपाचार्य के ध्वज पर एक सुन्दर वृषभ चिन्ह था। हे राजन! उनका विशाल रथ उस वृषभ चिन्ह से अत्यन्त शोभायमान हो रहा था; जैसे त्रिपुरों का नाश करने वाले महादेवजी का रथ सुन्दर वृषभ चिन्ह से सुशोभित था।
The flag of the Pandavas' teacher, the ascetic Brahmin Kripacharya of Gautam lineage, had a beautiful symbol of a bull on it. O King! His huge chariot was looking very beautiful with that bull symbol; just like the chariot of Mahadevji, the destroyer of Tripura, was decorated with the beautiful bull symbol. 14-15 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥