Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.104.6-7: वे कवचधारी योद्धा क्रोध में भरकर मेघ के समान गर्जना करने वाले रथों और तीक्ष्ण बाणों द्वारा अर्जुन की दसों दिशाओं को ढकने लगे। उस समय कुलूत देश के विचित्र और वेगवान घोड़े उन महारथियों के वाहन बनकर दसों दिशाओं को प्रकाशित करते हुए अत्यन्त शोभायमान हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.104: अर्जुनका कौरव महारथियोंके साथ घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे कवचधारी योद्धा क्रोध में भरकर मेघ के समान गर्जना करने वाले रथों और तीक्ष्ण बाणों द्वारा अर्जुन की दसों दिशाओं को ढकने लगे। उस समय कुलूत देश के विचित्र और वेगवान घोड़े उन महारथियों के वाहन बनकर दसों दिशाओं को प्रकाशित करते हुए अत्यन्त शोभायमान हो रहे थे।
Those warriors in armor, filled with anger, covered Arjuna's ten directions with their chariots roaring like clouds and with their sharp arrows. The strange and swift horses of Kulut country were then becoming the vehicles of those mighty warriors and illuminating all the ten directions, looking very beautiful. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥